रियल एस्टेट सेक्टर में फर्जीवाडे़ को रोकने के लिए केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार एक बड़ा कदम उठा सकती है। सरकार जल्द ही प्रॉपर्टी को मालिक के आधार कार्ड से लिंक करने के फैसले की घोषणा कर सकती है।
होंगे अनेक फायदे
अगर प्रॉपर्टी को मालिक के आधार कार्ड से लिंक करना अनिवार्य हो जाता है, तो इससे न सिर्फ फर्जीवाड़ा रुकेगा, बल्कि बेनामी संपत्ति का भी पता लग सकेगा और लोगों की एक से अधिक संपत्तियों की पहचान होगी। साथ ही सरकार का टैक्स कलेक्शन भी बढ़ सकेगा।बता दें कि कर्नाटक में यह नियम पहले से ही लागू है।
अवैध कब्जों से मिलेगी सुरक्षा
ऐसा भी माना जा रहा है कि प्रॉपर्टी से जुड़े मामले राज्यों के अधिकार क्षेत्र में हैं, इसलिए केंद्र सरकार मॉडल कानून बनाकर राज्यों को देगी। यदि यह नया कानून लागू हो जाता है, तो अवैध कब्जों से सुरक्षा मिलेगी। साथ ही लोगों को लोन भी आसानी से मिल सकेगा। प्रॉपर्टी की सूचनाएं पारदर्शी होंगी और धोखाधड़ी कम होगी। खास बात यह है कि इससे प्रॉपर्टी से जुड़े मुकदमे भी कम होंगे।
आखिरी चरण की ओर सरकार
प्रॉपर्टी ओनरशिप के लिए इस कानून पर तैयारी पूरी हो चुकी है। सरकार इसमें आखिरी चरण की ओर बढ़ गई है। इस संदर्भ में NAREDCO, महाराष्ट्र के अध्यक्ष राजन बंदेलकर ने कहा है कि, ‘अगर यह नियम लागू होता है, तो इससे काला धन समाप्त होगा और रियल एस्टेट सेक्टर में धोखाधड़ी खत्म होगी।’ आगे उन्होंने कहा कि प्रॉपर्टी को आधार से लिंक कराने की प्रक्रिया लंबी है, इसलिए सरकार को इसके लिए प्रॉपर्टी के मालिकों को ज्यादा समय देना चाहिए।