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महाप्रबंधक के मार्गदर्शन में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के कर्मचारी प्रशिक्षण केंद्रों का आधुनिकीकरण

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बिलासपुर। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे अपने कर्मचारियों के सतत् विकास और दक्षता में वृद्धि के लिए निरंतर प्रयासरत है । इसी दिशा में, महाप्रबंधक श्री तरुण प्रकाश के मार्गदर्शन में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के 9 प्रमुख प्रशिक्षण केंद्रों का आधुनिकीकरण किया जा रहा है, जिससे रेलवे संचालन की गुणवत्ता और संरक्षा मानकों में सुधार हो रहा है ।
इन प्रशिक्षण केंद्रों में प्रतिमाह लगभग 15 हजार मानव दिवस का प्रशिक्षण कर्मचारियों को उपलब्ध कराकर आधुनिक व गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है । ये सभी प्रशिक्षण केंद्र विभिन्न विभागों से संबंधित तकनीकी एवं प्रबंधकीय प्रशिक्षण उपलब्ध कराते हैं, जिससे कर्मचारियों की दक्षता और व्यावसायिक कुशलता में वृद्धि होती है ।
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के अंतर्गत इन सभी प्रशिक्षण केंदो में (1.) जोनल मल्टी डिसिप्लिनरी ट्रेनिंग सेंटर, बिलासपुर–क्षमता 170 प्रशिक्षणार्थी/प्रतिदिन (2.) डिविज़नल ट्रेनिंग सेंटर (इलेक्ट्रिक लोको), उसलापुर, बिलासपुर–क्षमता 330 प्रशिक्षणार्थी/प्रतिदिन (3) जोनल सिग्नल एंड टेलीकॉम ट्रेनिंग सेंटर, नैनपुर, नागपुर–क्षमता 56 प्रशिक्षणार्थी/प्रतिदिन (4) जोनल सिविल इंजीनियरिंग ट्रेनिंग सेंटर, नैनपुर, नागपुर–क्षमता 30 प्रशिक्षणार्थी/प्रतिदिन (5) डिविजनल पी-वे ट्रेनिंग सेंटर, बिलासपुर–क्षमता 28 प्रशिक्षणार्थी/प्रतिदिन (6) डिविजनल ट्रेनिंग सेंटर (ट्रैफिक), भिलाई/रायपुर–क्षमता 23 प्रशिक्षणार्थी/प्रतिदिन (7) डिविजनल मल्टी डिसिप्लिनरी ट्रेनिंग सेंटर, नागपुर – डिविजनल पी-वे ट्रेनिंग सेंटर, डोंगरगढ़,डिविजनल ट्रेनिंग सेंटर (ट्रैफिक), डोंगरगढ़, डीजल ट्रैक्शन ट्रेनिंग सेंटर, मोतीबाग/नागपुर कुल क्षमता–125 प्रशिक्षणार्थी/प्रतिदिन (8) वर्कशॉप बेसिक ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट, वैगन रिपेयर शॉप, रायपुर–क्षमता 250 प्रशिक्षणार्थी/प्रतिदिन तथा (9) वर्कशॉप बेसिक ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट, मोतीबाग, नागपुर–क्षमता 30 प्रशिक्षणार्थी/प्रतिदिन शामिल है ।
पहले स्टेशन मास्टरों का प्रशिक्षण सिनी में होता था, लेकिन अब जोनल मल्टी डिसिप्लिनरी ट्रेनिंग सेंटर, बिलासपुर में भी स्टेशन मास्टरों की ट्रेनिंग शुरू करने हेतु अधोसंरचना की व्यवस्था की जा रही है । इसके लिए मॉडल रूम, पैनल रूम आदि की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे प्रशिक्षार्थी व्यावहारिक अभ्यास के साथ गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण प्राप्त कर सकें ।
महाप्रबंधक तरुण प्रकाश ने कर्मचारियों के सेंट्रलाइज्ड ट्रेनिंग पर विशेष जोर दिया है । इसी को ध्यान में रखते हुए दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में भी भारतीय रेलवे के प्रमुख प्रशिक्षण संस्थानों जैसे: भारतीय रेलवे सिविल इंजीनियरिंग संस्थान, पुणे (IRICEN), भारतीय रेलवे सिग्नल इंजीनियरिंग और दूरसंचार संस्थान, सिकंदराबाद (IRISET), भारतीय रेलवे विद्युत इंजीनियरिंग संस्थान (IREEN) आदि से कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रशिक्षण की सुविधा प्राप्त करने हेतु आवश्यक अधोसंरचना विकसित किए जा रहे है । इससे कर्मचारियों को देश के श्रेष्ठ संस्थानों से आधुनिक तकनीकी ज्ञान प्राप्त करने का अवसर मिलेगा ।
लोको पायलटों को अधिक प्रभावी और व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए सिम्युलेटर आधारित ट्रेनिंग की सुविधा उपलब्ध कराई गई है और इसका और अधिक प्रावधान किया जा रहा है । इससे लोको पायलट वास्तविक परिस्थितियों का अनुभव कर अपनी दक्षता बढ़ा सकते हैं ।
रेलवे संरक्षा को और मजबूत करने के लिए “कवच प्रणाली” से संबंधित प्रशिक्षण भी इन प्रशिक्षण केंद्रों में प्रदान किया जा रहा है । इससे रेलवे कर्मचारियों को इस अत्याधुनिक संरक्षा प्रणाली की बारीकियों को समझने और इसे प्रभावी रूप से लागू करने में मदद मिलेगी ।
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे प्रशासन द्वारा इन प्रशिक्षण केंद्रों के आधुनिकीकरण और सुविधाओं के विस्तार हेतु ₹91 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति दी गई है । इस राशि का उपयोग बुनियादी ढांचे के विकास, प्रशिक्षण उपकरणों के उन्नयन और प्रशिक्षुओं की क्षमता वृद्धि के लिए किया जाएगा ।
महाप्रबंधक के कुशल नेतृत्व में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के इन प्रशिक्षण केंद्रों का विकास रेलवे के संरक्षित, समयबद्ध और कुशल संचालन को सुनिश्चित करेगा । इन केंद्रों में रेलवे से संबंधित नवीनतम तकनीकों, संरक्षा उपायों और दक्षता बढ़ाने वाले कार्यक्रमों की ट्रेनिंग दी जा रही है, जिससे रेलवे संचालन और संरक्षा में उल्लेखनीय सुधार हो रहा है ।
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे अपने कर्मचारियों को विश्वस्तरीय प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए सतत प्रयासरत है, जिससे भारतीय रेलवे को अधिक संरक्षित, आधुनिक और कुशल बनाया जा सके ।