वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने देश का बजट (Budget 2025) लोकसभा में पेश कर दिया है. बजट में मिडिल क्लास को बड़ी राहत दी गई है. सरकार ने घोषणा की कि 12 लाख रुपये तक की आय पर कोई टैक्स नहीं देना होगा. वहीं, बजट के दिन केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार (PM Modi Govt) के लिए गुड न्यूज आई है. दरअसल, घरेलू आर्थिक गतिविधियां बढ़ने से जनवरी में जीएसटी कलेक्शन 12.3 फीसदी बढ़कर 1.96 लाख करोड़ रुपये हो गया.
शनिवार को जारी सरकारी डेटा के मुताबिक, जीएसटी कलेक्शन में घरेलू स्तर पर सर्विसेज और गुड्स की बिक्री से रेवेन्यू 10.4 फीसदी बढ़कर 1.47 लाख करोड़ रुपये हो गया. इंपोर्टेड गुड्स से टैक्स रेवेन्यू 19.8 फीसदी बढ़कर 48,382 करोड़ रुपये रहा.
23,853 करोड़ रुपये के रिफंड जारी
जनवरी में कुल जीएसटी रेवेन्यू 1,95,506 करोड़ रुपये रहा, जो सालाना 12.3 फीसदी की बढ़ोतरी है. जनवरी में 23,853 करोड़ रुपये का रिफंड जारी किया गया, जो 24 फीसदी ज्यादा है. रिफंड को एडजस्टमेंट करने के बाद कुल नेट जीएसटी रेवेन्यू 10.9 फीसदी बढ़कर 1.72 लाख करोड़ रुपये रहा.
ज्यादा रिफंड के बावजूद कलेक्शन में ग्रोथ सराहनीय
केपीएमजी के इनडायरेक्ट टैक्स हेड और पार्टनर अभिषेक जैन ने कहा कि जीएसटी कलेक्शन में लगातार बढ़ोतरी इकोनॉमिक ग्रोथ में तेजी और बिजनेसेज के बीच टैक्स कम्पलायंस बढ़ने का संकेत देती है. ज्यादा रिफंड के बावजूद कलेक्शन में ग्रोथ सराहनीय है, जो विभाग के रिफंड प्रोसेसिंग में बेहतर दक्षता का संकेत देती है. यह ईज ऑफ डूइंग बिजनेस की दिशा में एक उत्साहजनक कदम है.”
सबसे ज्यादा कहां से कमाई
डेलॉयट इंडिया के पार्टनर एम एस मणि ने कहा कि तमिलनाडु, महाराष्ट्र, गुजरात तेलंगाना और उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्यों में जीएसटी कलेक्शन में 10-20 फीसदी की उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई. दूसरी ओर जीएसटी अधिकारियों के लिए यह चिंता की बात है कि कर्नाटक, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश, पंजाब और पश्चिम बंगाल जैसे बड़े राज्यों में केवल 5-9 फीसदी की बढ़ोतरी हुई.




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