छत्तीसगढ़रायपुर

एम्स रायपुर में एक्जिमा, कॉन्टैक्ट डर्मेटाइटिस एवं प्रुरिटस पर सतत चिकित्सा शिक्षा (CME) कार्यक्रम का आयोजन

रायपुर। एम्स रायपुर के त्वचा एवं यौन रोग विभाग द्वारा इंडियन एसोसिएशन ऑफ डर्मेटोलॉजिस्ट्स, वेनेरियोलॉजिस्ट्स एंड लेप्रोलॉजिस्ट्स (IADVL) – एग्जीक्यूटिव काउंसिल एवं एकेडमी, स्पेशल इंटरेस्ट ग्रुप (SIG) – एक्जिमा, कॉन्टैक्ट डर्मेटाइटिस एवं प्रुरिटस तथा IADVL छत्तीसगढ़ शाखा के सहयोग से Eczema, Contact Dermatitis Pruritus: Old Modalities, Recent Updates and Challenges विषय पर एक सतत चिकित्सा शिक्षा (CME) कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया।
इस शैक्षणिक कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के विभिन्न चिकित्सा संस्थानों से 70 से अधिक त्वचा रोग विशेषज्ञों, संकाय सदस्यों एवं स्नातकोत्तर विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। यह कार्यक्रम क्षेत्र के प्रमुख त्वचा रोग संबंधी शैक्षणिक आयोजनों में से एक रहा।
कार्यक्रम में लेफ्टिनेंट जनरल अशोक जिंदल (सेवानिवृत्त), कार्यपालक निदेशक, एम्स रायपुर, डॉ. एली महापात्र, अधिष्ठाता (शैक्षणिक), एम्स रायपुर, डॉ. सत्यकी गांगुली, विभागाध्यक्ष, त्वचा एवं यौन रोग विभाग, एम्स रायपुर, डॉ. पीयूष अग्रवाल, अध्यक्ष, IADVL छत्तीसगढ़ शाखा, डॉ. इंद्राशीष पोद्दार, संयोजक, SIG – Eczema, Contact Dermatitis & Pruritus, कोलकाता, तथा डॉ. नील प्रभा, आयोजन सचिव ने गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई।
वैज्ञानिक सत्रों की शुरुआत डॉ. नवनीत कौर के व्याख्यान से हुई, जिसमें उन्होंने एक्जिमा के उपचार में पारंपरिक उपचार पद्धतियों की महत्त्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। इसके पश्चात डॉ. सौमिल खरे ने हैंड एक्जिमा के निदान एवं उपचार की व्यावहारिक रणनीतियों पर विस्तृत चर्चा की।
आगे के सत्रों में डॉ. इंद्राशीष पोद्दार ने क्रॉनिक प्रुरिगो के विभिन्न स्वरूपों तथा एंटीहिस्टामिन से आगे बढ़कर क्रॉनिक प्रुरिटस के नवीन औषधीय उपचारों पर महत्वपूर्ण व्याख्यान दिए। डॉ. नील प्रभा ने पॉज़िटिव पैच टेस्ट की चिकित्सकीय उपयोगिता तथा विशिष्ट एलर्जेन से बचाव के महत्व पर प्रकाश डाला।
वहीं डॉ. यशा उपेंद्र ने एटॉपिक डर्मेटाइटिस के आधुनिक एवं साक्ष्य-आधारित उपचारों तथा नई उपचार पद्धतियों की जानकारी साझा की।
कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण एटॉपिक डर्मेटाइटिस, हैंड एक्जिमा एवं क्रॉनिक प्रुरिटस के प्रबंधन में आने वाली चुनौतियों पर आयोजित पैनल चर्चा रही, जिसका संचालन डॉ. नम्रता छाबड़ा ने किया। इस चर्चा में डॉ. जे. पी. स्वैन, डॉ. इंद्राशीष पोद्दार, डॉ. यशा उपेंद्र एवं डॉ. अजीत कुमार ने विशेषज्ञ पैनलिस्ट के रूप में भाग लिया। इस दौरान प्रतिभागियों ने जटिल चिकित्सकीय मामलों पर विचार-विमर्श करते हुए साक्ष्य-
आधारित उपचार रणनीतियों पर सार्थक चर्चा की।
कार्यक्रम के अंतर्गत त्वचा रोग विभाग के स्नातकोत्तर विद्यार्थियों के लिए एक रोचक क्विज प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया, जिसका संचालन डॉ. भाव्या स्वर्णकार ने किया। प्रतियोगिता में रेजिडेंट डॉक्टरों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। विजेताओं को IADVL छत्तीसगढ़ शाखा के सचिव डॉ. राकेश पटेल ने पुरस्कार प्रदान किए।

यह CME कार्यक्रम त्वचा रोगों के आधुनिक निदान एवं उपचार संबंधी नवीनतम जानकारी साझा करने, विशेषज्ञों एवं युवा चिकित्सकों के बीच ज्ञान-विनिमय को बढ़ावा देने तथा रोगियों को बेहतर एवं साक्ष्य- आधारित उपचार उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध हुआ।

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