- JPSC, BPSC, KPSC एवं पंजाब की प्रतियोगी परीक्षाओं में प्रश्नपत्र लीक के विरुद्ध विद्यार्थियों के संघर्ष को अभाविप का समर्थन; समाज के विभिन्न संगठनों से सहभागिता का आह्वान
- निष्पक्ष, पारदर्शी एवं विश्वसनीय परीक्षा व्यवस्था हेतु उच्चस्तरीय समिति को विस्तृत सुझाव देगी अभाविप: डॉ वीरेंद्र सिंह सोलंकी
- वंदे मातरम् के सम्मान को विधिक संरक्षण ऐतिहासिक निर्णय, ‘कैंपस टू कैंपस वंदे मातरम्’ एवं ‘एक गाँव-एक तिरंगा’ अभियान से राष्ट्रभक्ति का जनजागरण करेगी अभाविप : डॉ. वीरेंद्र सिंह सोलंकी
- केरलम बनेगा अभाविप के ‘कैंपस टू कैंपस वंदे मातरम्’ एवं ‘स्क्रीन टाइम टू एक्टिविटी टाइम’ अभियानों का विशेष केंद्र
केरलम । अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) की केंद्रीय कार्यसमिति बैठक 1 एवं 2 अगस्त 2026 को जगद्गुरु आदि शंकराचार्य की पावन जन्मस्थली एर्नाकुलम, केरलम में सफलतापूर्वक संपन्न हुई। बैठक में संगठनात्मक समीक्षा, समसामयिक राष्ट्रीय विषयों तथा आगामी वर्ष की कार्ययोजना पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।
इस केंद्रीय कार्यसमिति बैठक के माध्यम से अभाविप ने स्पष्ट किया कि झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC), बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC), कर्नाटक लोक सेवा आयोग (KPSC), पंजाब सहित देश के विभिन्न राज्यों में प्रतियोगी परीक्षाओं में प्रश्नपत्र लीक की घटनाओं को लेकर अभाविप विद्यार्थियों की न्यायोचित मांगों एवं उनके द्वारा किए जा रहे लोकतांत्रिक आंदोलनों का पूर्ण समर्थन करती है। साथ ही, अभाविप समाज के विभिन्न संगठनों एवं नागरिकों से भी इस विद्यार्थी आंदोलन में सहभागिता का आह्वान करती है। अभाविप का स्पष्ट मत है कि प्रत्येक विद्यार्थी को निष्पक्ष, पारदर्शी एवं विश्वसनीय परीक्षा प्रणाली प्राप्त होना उसका अधिकार है। इसी प्रतिबद्धता के साथ झारखंड में प्रश्नपत्र लीक से संबंधित समाचार सामने आने के तुरंत बाद अभाविप ने सर्वप्रथम राज्यपाल को विस्तृत ज्ञापन सौंपा, हस्ताक्षर अभियान चलाया तथा राज्य के सभी जिला मुख्यालयों पर विरोध प्रदर्शन आयोजित किए। अभाविप सदैव विद्यार्थियों के शैक्षणिक अधिकारों, पारदर्शी परीक्षा प्रणाली एवं निष्पक्ष चयन प्रक्रिया के पक्ष में संघर्ष करती रही है और आगे भी विद्यार्थियों के प्रत्येक न्यायोचित मुद्दे पर उनके साथ मजबूती से खड़ी रहेगी। अभाविप का मानना है कि परीक्षा व्यवस्था को पूर्णतः पारदर्शी, विश्वसनीय एवं त्रुटिरहित बनाने के लिए अभी भी आवश्यक संस्थागत सुधार किए जाने शेष हैं। इसलिए अभाविप नीट परीक्षा में अनियमितताओं के पश्चात गठित उच्चस्तरीय समिति के समक्ष अपने विस्तृत सुझाव एवं अनुशंसाएँ भी प्रस्तुत करेगी, ताकि देश में निष्पक्ष, विश्वसनीय एवं त्रुटिरहित परीक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके।
बैठक में अभाविप के प्रमुख राष्ट्रीय अभियानों की आगामी कार्ययोजना पर विस्तृत चर्चा की गई। ‘स्क्रीन टाइम टू एक्टिविटी टाइम’ अभियान के साथ ‘वंदे मातरम् @150 वर्ष : कैंपस टू कैंपस वंदे मातरम् अभियान’ को देशभर के शैक्षणिक परिसरों तक व्यापक रूप से पहुँचाने का निर्णय लिया गया। साथ ही 15 अगस्त, स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर तिरंगा रैली, ‘एक गाँव-एक तिरंगा’ अभियान तथा सामूहिक वंदे मातरम् गायन अभियान के आयोजन की रूपरेखा भी निर्धारित की गई। बैठक में संसद द्वारा राष्ट्रीय सम्मान अपमान निवारण (संशोधन) विधेयक, 2026 पारित कर राष्ट्रगीत वंदे मातरम् के सम्मान को विधिक संरक्षण प्रदान किए जाने का स्वागत करते हुए इसे भारत की राष्ट्रीय चेतना, स्वतंत्रता संग्राम की विरासत तथा सांस्कृतिक अस्मिता के संरक्षण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताया गया। इसके अतिरिक्त संत शिरोमणि रविदास जी के 650वें प्राकट्य वर्ष, श्री गुरु तेगबहादुर जी के बलिदान के 350 वर्ष, आपातकाल विरोधी आंदोलन के 50 वर्ष से संबंधित कार्यक्रमों, अखिल भारतीय छात्रावास सर्वेक्षण, 72वें राष्ट्रीय अधिवेशन, SEIL@60, प्रा. यशवंतराव केलकर युवा पुरस्कार, अंतरराष्ट्रीय विद्यार्थी संपर्क, ओवरसीज कार्य, संगठनात्मक विस्तार तथा कार्यशाला संस्कृति को लेकर भी विस्तृत चर्चा की गई एवं प्रभावी कार्ययोजना तय की गई।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. वीरेंद्र सिंह सोलंकी ने कहा कि, “एर्नाकुलम में संपन्न केंद्रीय कार्यसमिति बैठक में शिक्षा, संगठन, समसामयिक राष्ट्रीय विषयों एवं आगामी वर्ष की कार्ययोजना पर व्यापक एवं सार्थक चिंतन-मंथन हुआ। झारखंड, बिहार, कर्नाटक एवं पंजाब में प्रतियोगी परीक्षाओं में प्रश्नपत्र लीक की घटनाएँ देश की परीक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े करती हैं। अभाविप विद्यार्थियों की न्यायोचित मांगों एवं उनके लोकतांत्रिक आंदोलनों का पूर्ण समर्थन करती है। प्रत्येक विद्यार्थी को निष्पक्ष, पारदर्शी, विश्वसनीय एवं त्रुटिरहित परीक्षा व्यवस्था प्राप्त होना उसका अधिकार है। इसी उद्देश्य से अभाविप नीट परीक्षा में अनियमितताओं के पश्चात भारत सरकार द्वारा गठित उच्चस्तरीय समिति के समक्ष परीक्षा प्रणाली में आवश्यक संस्थागत सुधारों के लिए अपने विस्तृत सुझाव एवं अनुशंसाएँ प्रस्तुत करेगी। संसद द्वारा वंदे मातरम् के सम्मान को विधिक संरक्षण प्रदान किया जाना भारत की राष्ट्रीय चेतना, स्वतंत्रता संग्राम की गौरवशाली विरासत एवं सांस्कृतिक अस्मिता के संरक्षण की दिशा में एक ऐतिहासिक निर्णय है। वंदे मातरम् केवल राष्ट्रगीत नहीं, बल्कि भारत की स्वतंत्रता यात्रा का प्रेरणास्रोत और राष्ट्रीय स्वाभिमान का शाश्वत प्रतीक है। इसी भावना के साथ अभाविप देशभर में ‘वंदे मातरम् @150 वर्ष : कैंपस टू कैंपस वंदे मातरम्’ अभियान, ‘एक गाँव-एक तिरंगा’ अभियान, तिरंगा रैलियों तथा सामूहिक वंदे मातरम् गायन के माध्यम से राष्ट्रभक्ति, राष्ट्रीय एकात्मता एवं संवैधानिक कर्तव्यों के प्रति व्यापक जनजागरण करेगी। केंद्रीय कार्यसमिति की यह बैठक केरलम में संपन्न होने के कारण अभाविप ने राज्य में विशेष संगठनात्मक विस्तार का भी संकल्प लिया है। आगामी समय में केरलम के शैक्षणिक परिसरों में ‘कैंपस टू कैंपस वंदे मातरम्’ अभियान तथा ‘स्क्रीन टाइम टू एक्टिविटी टाइम’ अभियान को विशेष रूप से व्यापक स्तर पर संचालित किया जाएगा, ताकि विद्यार्थियों में राष्ट्रभक्ति, सकारात्मक परिसर संस्कृति, नेतृत्व क्षमता एवं सक्रिय जनभागीदारी को और अधिक सुदृढ़ किया जा सके। हमें विश्वास है कि केंद्रीय कार्यसमिति में निर्धारित कार्ययोजना के अनुरूप अभाविप का प्रत्येक कार्यकर्ता इन अभियानों को जनभागीदारी के साथ सफल बनाते हुए छात्रशक्ति को राष्ट्रशक्ति के रूप में संगठित करने के संकल्प को और अधिक सशक्त करेगा।”




