कलेक्टर दीपक अग्रवाल ने इस बार धान खरीदी प्रक्रिया को शुद्ध और पारदर्शी बनाने के लिए कई कदम उठाए हैं, जिनमें ऑपरेटरों की अदला-बदली भी शामिल है. प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, बदले गए ऑपरेटर अपने-अपने क्षेत्रों में किसानों के बीच गहरी पैठ रखते थे. कुछ मामलों में तो ऑपरेटरों के पास भारी संख्या में किसानों के पट्टों की जानकारी होने की खबरें थीं, जिनका इस्तेमाल बोगस तरीके से लोन निकालने और धान विक्रय में किया जा रहा था. इस बार कलेक्टर दीपक अग्रवाल ने खरीदी प्रकिया में पूरी शुद्धता रखने के लिए इस तरह के कदम उठा रहे हैं।
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