अमेरिका की H-1B वीजा पर काम करने वाली टेक कंपनियों के कर्मचारियों को विदेश यात्रा करने से रोकने की चेतावनी दी गई है। इस कदम के पीछे वजह अमेरिकी वीजा अपॉइंटमेंट में हो रही लगातार देरी है। यह देरी डोनाल्ड ट्रंप सरकार द्वारा लागू किए गए सोशल मीडिया प्रोफाइल चेकिंग नियम की वजह से हो रही है। अब वीजा मिलने से पहले आवेदकों के सोशल मीडिया अकाउंट की जाँच करना अनिवार्य है, जिससे वीजा अपॉइंटमेंट लंबित रह रहे हैं।
कौन सी कंपनियां दी चेतावनी
माइक्रोसॉफ्ट: कर्मचारियों को सलाह दी गई कि वे विदेश यात्रा पर जाने से बचें, क्योंकि अपॉइंटमेंट रि-शेड्यूल होने पर महीनों तक विदेश में फंस सकते हैं।
अमेजन: जिन कर्मचारियों के वीजा अपॉइंटमेंट दिसंबर या जनवरी में हैं, उन्हें फिलहाल अमेरिका में रहने को कहा गया है। विदेश यात्रा पर जाने से काम प्रभावित हो सकता है।
गूगल: अमेरिकी दूतावास में वीजा स्टैम्पिंग अपॉइंटमेंट में 12 महीने तक की देरी हो रही है। इसलिए गूगल ने कर्मचारियों से विदेश यात्रा टालने की सलाह दी है।
एप्पल: वर्कर्स को विदेश यात्रा से बचने और वीजा स्टैम्पिंग में देरी के बारे में कंपनी से तुरंत संपर्क करने की सलाह दी गई है।
वीजा देरी की वजह
15 दिसंबर के बाद सोशल मीडिया प्रोफाइल की जांच और सख्ती बढ़ गई है। इस प्रक्रिया में आवेदकों की ऑनलाइन गतिविधियों की समीक्षा की जाती है। यदि किसी प्रोफाइल में आपत्तिजनक सामग्री पाई जाती है, तो वीजा जारी नहीं किया जाता।




