आजकल आर्थिक माहौल लगातार बदल रहा है. कभी ब्याज दरें ऊपर जाती हैं, तो कभी अचानक नीचे आ जाती हैं. शेयर बाजार भी उतार-चढाव भरा है और इसी अनिश्चितता ने भारतीय लोगों को अपनी फाइनेंशियल प्लानिंग पर फिर से सोचने के लिए मजबूर कर दिया है. पहले जहां लोग बिना ज्यादा सोच-विचार के FD, रेकरिंग डिपॉजिट या बाजार आधारित योजनाओं में निवेश कर देते थे, अब वे ऐसे विकल्प ढूंढ रहे हैं जो स्थिर रहें, जोखिम कम हो, और आने वाले वर्षों का आर्थिक भविष्य सुरक्षित बना सके. ऐसे समय में गारंटीड रिटर्न प्लान (GRP) बहुत से लोगों के लिए राहत और भरोसे का नया जरिया बनकर उभरे हैं.
गारंटीड रिटर्न प्लान की सबसे बडी खासियत यह है कि ये शुरुआत के दिन से ही तय 6.9 प्रतिशत तक टैक्स फ्री गारंटीड रिटर्न देते हैं. ब्याज दरों के भविष्य या बाजार की गिरावट का इन योजनाओं पर कोई असर नहीं पडता, इसलिए आज के समय में कई निवेशक इन्हें सुरक्षित और स्थिर विकल्प मान रहे हैं. यह योजनाएं रोजमर्रा की बचत करने वालों से लेकर लंबे समय के निवेश की सोच रखने वालों तक सभी को आकर्षित कर रही हैं.
पॉलिसीबाजार डॉट कॉम के हेड ऑफ इन्वेस्टमेंट्स पवित लाउल कहते हैं, लोग GRP की ओर तेजी से क्यों बढ़ रहे हैं. इसके पीछे सबसे बड़ा कारण है- सुनिश्चित और स्थिर रिटर्न. जहां पहले सुरक्षित माने जाने वाले एफडी (FD) भी अब पहले जैसी कमाई नहीं दे पा रहे हैं, वहीं गारंटीड रिटर्न प्लान खरीदते ही रिटर्न को लॉक कर देते हैं. उदाहरण के रूप में, एफडी का ब्याज 2011 में लगभग 9 प्रतिशत हुआ करता था, लेकिन 2025 तक घटकर 6.05 प्रतिशत रह गया. यानी महंगाई को मात देने वाला रिटर्न मिलना मुश्किल होता जा रहा है. इसके विपरीत, GRP पूरी अवधि में बिना बदलाव के तय रिटर्न देते हैं, चाहे बाजार में कितना भी उथल-पुथल क्यों





