पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी करीब 35 साल पुराने वामपंथी किले को ध्वस्त करने में 2011 में सफल हो गईं तो उसके बाद से उनका रथ कभी नहीं रुका. भाजपा की लाख कोशिशों के बावजूद ममता ने तीसरी बार 2021 में बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) की सरकार बना ली. इस साल 2026 में करीब 2 महीने बाद होने वाले बंगाल विधानसभा चुनाव में भी भाजपा ने एड़ी-चोटी का जोर लगा दिया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पिछले 6 महीने के अंदर कई दौरे हो चुके हैं. चुनाव ज्यों-ज्यों करीब आता जाएगा, उनके दौरों का सिलसिला भी तेज होगा. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहते जेपी नड्डा ने बंगाल का हाल ही में दौरा किया था. नए राष्ट्रीय अध्यक्ष बने नितिन नवीन ने भी इस साल होने वाले सभी 5 राज्यों के चुनावों में भाजपा का परचम लहराने का संकल्प लिया है. नतीजे क्या होंगे, यह तो जनता तय करेगी, लेकिन ममता बनर्जी केंद्रीय एजेंसियों से पंगा लेकर मुश्किल में पड़ती नजर आ रही हैं. अगर सुप्रीम कोर्ट प्रवर्तन निदेशालय (ED) के आरोपों पर उनके प्रतिकूल कोई फैसला देता है तो ममता की मुश्किलें बढ़ सकती हैं. सीबीआई और ED से मुख्मंत्रियों के टकराव का हश्र लोग देख चुके हैं.





