वेनेजुएला की राजधानी काराकस समेत कई शहरों में जोरदार धमाकों की खबरों से अफरा-तफरी मच गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक काराकस में एक के बाद एक कई विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं और आसमान में कम ऊंचाई पर उड़ते विमानों को देखा गया। धमाकों के बाद लोग दहशत में घरों से बाहर निकल आए।
बताया जा रहा है कि यह घटनाएं सिर्फ काराकस तक सीमित नहीं रहीं, बल्कि मिरांडा, अरगुआ और ला गुइरा जैसे इलाकों से भी धमाकों की सूचनाएं सामने आई हैं। हालात बिगड़ते देख वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने देश में राष्ट्रीय आपातकाल (नेशनल इमरजेंसी) की घोषणा कर दी। हालांकि, इन हमलों की आधिकारिक जिम्मेदारी अमेरिका की ओर से अब तक नहीं ली गई है।
यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब कुछ दिन पहले ही अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वेनेजुएला को लेकर सख्त रुख अपनाने की बात कही थी। अमेरिका ने हाल ही में वेनेजुएला की तेल इंडस्ट्री से जुड़ी कई कंपनियों पर नए प्रतिबंध लगाए हैं। अमेरिकी वित्त विभाग ने चार विदेशी कंपनियों और उनसे जुड़े तेल टैंकरों को प्रतिबंध सूची में शामिल किया है, जिससे वेनेजुएला के तेल निर्यात पर दबाव बढ़ गया है।
अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इन कदमों का मकसद वेनेजुएला सरकार पर दबाव बनाना बताया जा रहा है। इससे पहले भी अमेरिकी राष्ट्रपति यह कह चुके हैं कि वेनेजुएला में ड्रग्स तस्करी से जुड़े ठिकानों पर कार्रवाई की गई थी। अमेरिका का दावा है कि इन गतिविधियों से देश की अर्थव्यवस्था को बड़ा नुकसान पहुंच रहा है।
अमेरिका ने यह भी आरोप लगाया है कि वेनेजुएला ने ईरान के साथ बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन तकनीक का बड़े पैमाने पर लेनदेन किया है। इसी बीच अमेरिका ने क्षेत्र में अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ा दी है और राष्ट्रपति मादुरो, उनके परिवार और करीबी सहयोगियों पर पहले से ही प्रतिबंध लगाए हुए हैं।




