नई दिल्ली। टीम इंडिया की स्टार बल्लेबाज़ स्मृति मंधाना इन दिनों सुर्खियों में हैं। संगीतकार पलाश मुच्छल से शादी टूटने के बाद वह पहली बार सार्वजनिक तौर पर नजर आईं और उन्होंने खुलकर बताया कि उनके जीवन में सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण क्या है। मंधाना ने साफ कहा कि क्रिकेट से बढ़कर उन्हें दुनिया में कोई चीज़ पसंद नहीं।
हाल ही में हुए ‘अमेज़ॉन संभव सम्मेलन’ में मंधाना ने अपने 12 साल के क्रिकेट सफर, अपने जुनून और टीम इंडिया में योगदान पर बात की। उन्होंने कहा कि भारतीय जर्सी पहनना उनके लिए सबसे बड़ी प्रेरणा है—यह उन्हें हर परेशानी से दूर कर सिर्फ खेल पर ध्यान लगाने की ताकत देता है।
बचपन से ही क्रिकेट का जुनून
मंधाना ने बताया कि बचपन से ही उनके मन में बल्लेबाजी का खास लगाव था। लोगों को भले समझ न आता हो, लेकिन वह हमेशा विश्व चैंपियन बनने का सपना देखती थीं। उन्होंने कहा कि हाल ही में मिली विश्व कप ट्रॉफी टीम के वर्षों के संघर्ष का परिणाम है। फाइनल जीतने का वह पल उनके लिए अविश्वसनीय रहा।
वरिष्ठ खिलाड़ियों के लिए भावुक जीत
मंधाना के अनुसार फाइनल में मिताली राज और झूलन गोस्वामी की मौजूदगी से भावनाएं और गहरी हो गई थीं। जब उन्होंने दोनों की आंखों में खुशी के आँसू देखे, तो लगा कि यह जीत सिर्फ टीम की नहीं, बल्कि पूरे महिला क्रिकेट की जीत है।
सीखे दो बड़े सबक
मंधाना ने अपने सफर से दो अहम सीखें साझा कीं—
1. हर पारी शून्य से शुरू होती है, चाहे पिछली पारी में शतक ही क्यों न लगाया हो।
2. कभी केवल खुद के लिए नहीं खेलना चाहिए, टीम सबसे ऊपर होती है।
21 दिसंबर से लौटेंगी मैदान पर
विश्व कप जीत के बाद अब स्मृति मंधाना 21 दिसंबर से क्रिकेट मैदान पर लौटने वाली हैं। भारत और श्रीलंका के बीच होने वाली 5 मैचों की टी20 सीरीज़ में वह फिर एक्शन में दिखेंगी। सीरीज़ के मैच विशाखापत्तनम और तिरुवनंतपुरम में खेले जाएंगे।




