छत्तीसगढ़

खदान ब्लास्टिंग से मकानों में दरार और बोर धंसे, नाराज ग्रामीणों ने SECL ऑफिस का गेट बंद कर किया प्रदर्शन

कोरबा। एसईसीएल कुसमुंडा खदान में हो रही लगातार ब्लास्टिंग से नाराज ग्रामीणों ने शुक्रवार को महाप्रबंधक कार्यालय का घेराव कर दिया। ग्राम बाता के लोगों का कहना है कि खदान में हो रही हैवी ब्लास्टिंग से उनके मकानों में दरारें पड़ गई हैं, बोर और कुएं धंस चुके हैं तथा फसलों को भी नुकसान हो रहा है।

ग्रामीण सुबह करीब सात बजे महाप्रबंधक कार्यालय पहुंचे और दोनों मुख्य गेट पर ताला लगाकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस कारण कार्यालय का कामकाज करीब आठ घंटे तक ठप रहा। दोपहर तीन बजे तक ग्रामीण डटे रहे। उनका आरोप है कि एसईसीएल प्रबंधन बार-बार शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं कर रहा और यह कहकर पल्ला झाड़ लेता है कि उनका गांव खदान प्रभावित क्षेत्र में नहीं आता।

ग्राम पंचायत बाता के सरपंच प्रतिनिधि कृष्ण कुमार ने कहा कि ब्लास्टिंग से उड़ने वाली धूल और कंपन से घरों के साथ-साथ खेतों की फसलों को भी नुकसान हो रहा है। वहीं ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि खदान क्षेत्र में काम कर रही आउटसोर्सिंग कंपनियां स्थानीय बेरोजगार युवाओं को रोजगार नहीं दे रही हैं, जबकि बाहर के लोगों को प्राथमिकता दी जा रही है।

आंदोलन की सूचना मिलते ही दीपका तहसीलदार मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों की बात सुनी। इसके बाद एसईसीएल प्रबंधन ने मंगलवार को वार्ता करने का आश्वासन दिया, जिसके बाद ग्रामीणों ने आंदोलन खत्म किया।

हालांकि ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो वे एक बार फिर बड़े स्तर पर आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।

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