भारतीय सांस्कृतिक (INTACH) निधि के रायपुर चैप्टर द्वारा आज यहाँ स्कूल – कॉलेज के छात्र – छात्राओं एवं नागरिकों के लिए एक हेरिटेज
वाक् (विरासत यात्रा) का आयोजन किया गया। इस हेरिटेज वाक् के तहत् 20 से अधिक प्रतिभागियों ने 07 से अधिक हेरिटेज स्मारकों / जगहों के दर्शन (Visit) किये और उसके बारे में जानकारी प्राप्त की। रायपुर के जिन हेरिटेज स्थलों का
विद्यार्थियों ने विजिट किया उनके नाम हैं-
1. दूरी हटरी (200 वर्ष पुराना)।
2. जगन्नाथ स्वामी मंदिर (100 वर्ष पुराना)।
3. जैतूसाव मठ (200 वर्ष पुराना)।
4. श्री सिद्ध संकटमोचन हनुमान मंदिर (बावली)- (150 वर्ष पुराना)।
5. श्री महावीर व्यायामशाला (अखाड़ा) (140 वर्ष पुराना)।
6. श्री राज राजेश्वरी महामाया देवी मंदिर (14वीं शताब्दी)।
7. श्री रामचन्द्र स्वामी ट्रस्ट (नागरीदास) मंदिर (करीब 100 वर्ष पुराना)।
रायपुर के ये सभी हेरिटेज स्मारक सैकड़ो वर्ष पुराना हैं और अपना विशिष्ट ऐतिहासिक महत्व रखते हैं।
इंटैक रायपुर चैप्टर के संयोजक डॉ. राकेश कुमार तिवारी, छत्तीसगढ़ इंटैक के राज्य संयोजक श्री अरविंद मिश्र और राज्य इंटैक की सह-संयोजक श्रीमति शिवी
जोशी ने हेरिटेज वाक् में छात्र-छात्राओं और इंटैक के सदस्यों को इन हेरिटेज स्मारकों के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। शहर के केन्द्र में स्थित 200 वर्ष पुराना “टूरी हटरी” छत्तीसगढ़ में महिला सशक्तीकरण के सबसे पुरातन उदाहरण
हैं। यह पुरातन बाजार महिलाओ द्वारा संचालित था। 200 वर्ष पुराना जैतूसाव मठ भारत के बड़े स्वतंत्रता सेनानियों के ठहरने का महत्वपूर्ण स्थान था। महात्मा गाँधी,
डॉ. राजेन्द्र प्रसाद जैसे नेता स्वतंत्रता के पूर्व इस मठ में विजिट किये थे। 14 वीं सदी की महामाया मंदिर तांत्रिको के लिए एक विशिष्ट स्थल था। इस हेरिटेज वाक् में इंटैक के श्री एस. एन. शुक्ला, श्री सुनील बघेल, डॉ. लोकेश्वर प्रसाद सिन्हा, कुलेश्वर प्रसाद साहू, विभिन्न स्कूल व महाविद्यालयों के
छात्र-छात्राएँ उपस्थित थें।






