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तेलंगाना सुरंग में फंसी 8 जिंदगियां, पर बेबस क्‍यों रेस्‍क्‍यू टीम…..अंदर भरा है पानी, एक नहीं कई हैं चुनौतियां

तेलंगाना की श्रीशैलम सुरंग नहर टनल यानी SLBC परियोजना के दौरान सुरंग धंसने से अंदर पिछले 18 घंटे से फंसे आठ लोगों को बचाना एक बड़ी चुनौती साबित हो रहा है. ऐसा इसलिए क्योंकि सुरंग के अंदर जहां मजदूर फंसे हैं, वहां पानी भी भरा हुआ है. बचाव दल को मजदूरों की जान बचाने से पहले अंदर भरे कृष्णा नदी से आने वाले पानी को निकालना होगा. इसी पानी को ले जाने के लिए यह सुरंग बनाई जा रही है. पिछले पांच सालों से निर्माणाधीन सुरंग में ऊपर की पहाड़ियों से पानी का रिसाव हो रहा था. यह छत अब ढह गई है, जिससे स्थिति और मुश्किल हो गई है.

इंडियन एक्‍सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक बचाव के शुरुआती चरण में 100 हॉर्स पावर के एक और 70 हॉर्स पावर के दूसरे शक्तिशाली पंप की मदद से सुरंग से पानी निकाला जा रहा है. एक बार पानी निकल जाने के बाद ही बचाव दल सुरंग के अंदर लगभग 9 किलोमीटर की दूरी तक पहुंचने के लिए कन्वेयर बेल्ट का इसतेमाल करने की योजना बना रहा है. बाकी क्षेत्र को कवर करने और बचाव कर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ड्रोन तैनात किए जाएंगे. अनुमान लगाया जा रहा है कि आठ मजदूर 9.5 फीट व्यास यानी डायामीटर वाली सुरंग के अंदर 13.5 किलोमीटर के निशान से आगे फंसे हैं.

उपर से ड्रिलिंग बेहद मुश्किल
फंसे हुए मजदूरों तक पहुंचने के लिए ऊपर से ड्रिलिंग करना बेहद मुश्किल है. ऐसा इसलिए क्‍योंकि सुरंग संरचना के ऊपर मोटी चट्टान की चादरों की मौजूदगी है, जो कम समय में ड्रिलिंग को लगभग असंभव बना देती है. इसके अलावा सुरंग के अंदर दो अलग-अलग जगहों पर ढहने से इसके पूरे स्‍टेटस के बारे में चिंताएं बढ़ गई हैं. इंजीनियरिंग टीम पूरी तरह से स्थिति का असेसमेंट कर रही हैं. बताया जा रहा कि सुरंग पहली बार तब ढही जब उसके अंदर 50 लोग थे. तुरंत ही 42 लोग पीछे हट रहे थे, लगभग 150 मीटर दूर सुरंग के हिस्‍से के दूसरी बार ढहने से वहां आठ कर्मचारी फंस गए. माना जा रहा है कि टनल के अंदर चट्टान और टनल बोरिंग मशीन के बीच 15 मीटर के क्षेत्र में यह आठ मजदूर फंसे हुए हैं.

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