आस्था कई बार शब्दों से नहीं, बल्कि दृश्य और भावनाओं से व्यक्त होती है। ऐसा ही एक भावुक पल हाल ही में सामने आया है, जिसका वीडियो रामलला की मूर्ति के शिल्पकार अरुण योगीराज ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा किया है। यह वीडियो देखते ही देखते लोगों के दिलों को छू गया और तेजी से वायरल हो गया।
22 जनवरी 2024 को अयोध्या स्थित राम मंदिर में रामलला की भव्य प्राण-प्रतिष्ठा हुई थी। वहीं 31 दिसंबर 2025 को रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा की द्वादशी तिथि मनाई गई। इसी बीच, स्थापना से पहले का एक दुर्लभ और भावुक दृश्य अब सामने आया है।
क्या दिखा वायरल वीडियो में
वीडियो में देखा जा सकता है कि प्राण-प्रतिष्ठा से पहले रामलला की मूर्ति की आंखें कपड़े से ढंकी हुई हैं। तभी वहां मौजूद एक बंदर चुपचाप जाली के पास आकर रामलला को निहारता नजर आता है। वह पास जाने की कोशिश करता है और हल्की आवाज भी निकालता है, लेकिन जाली के कारण नजदीक नहीं पहुंच पाता। यह दृश्य बेहद शांत, मासूम और भावनाओं से भरा हुआ है।
अरुण योगीराज की भावुक टिप्पणी
वीडियो साझा करते हुए अरुण योगीराज ने लिखा कि जैसे ही रामलला के प्रतिष्ठापन की दूसरी वर्षगांठ का समय आ रहा है, उनका मन उन पवित्र और अविस्मरणीय क्षणों में लौट जाता है। यह वीडियो उन्हीं पलों की एक झलक है, जो शब्दों में बयां करना मुश्किल है।
धार्मिक दृष्टि से क्यों खास है यह पल
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, बंदर को हनुमान जी का स्वरूप माना जाता है। रामभक्ति में हनुमान जी का स्थान सर्वोच्च है। ऐसे में प्राण-प्रतिष्ठा से पहले एक बंदर का शांत भाव से रामलला के दर्शन के लिए आतुर होना भक्तों के लिए अत्यंत भावुक और अलौकिक अनुभव जैसा है।
शास्त्रों में भी कहा गया है कि जब कोई महान धार्मिक कार्य होता है, तो प्रकृति स्वयं उसमें सहभागी बनती है—चाहे वह पशु हों, पक्षी हों या वातावरण। यही कारण है कि यह वीडियो केवल एक दृश्य नहीं, बल्कि आस्था और भक्ति का जीवंत प्रतीक बन गया है।




