छत्तीसगढ़

बालिका सुरक्षा माह के अंतर्गत प्रदेशभर में चल रहा जागरूकता अभियान

छत्तीसगढ़ में बालिका सुरक्षा माह के अंतर्गत महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा प्रदेशभर के विद्यालयों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य बालिकाओं को बाल संरक्षण कानून, सुरक्षा उपायों और विभिन्न योजनाओं की जानकारी देना है।

महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के मार्गदर्शन में विभाग द्वारा चलाई जा रही इस पहल के तहत सूरजपुर जिले सहित सभी विकासखंडों में जागरूकता अभियान चलाया गया। आज हायर सेकेंडरी स्कूल सोनगरा प्रतापपुर में आयोजित कार्यक्रम में छात्राओं को गुड टच-बैड टच, बाल विवाह, बाल श्रम, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, स्पॉन्सरशिप योजना, नशा मुक्ति योजना, किशोर न्याय अधिनियम, पॉक्सो एक्ट और लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 की विस्तृत जानकारी दी गई।

विशेषज्ञों ने बताया कि अल्पायु में विवाह से बालिकाओं के स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ता है, मातृ एवं शिशु मृत्यु दर बढ़ती है और कुपोषण की समस्या गहराती है। साथ ही सोशल मीडिया के दुरुपयोग से जुड़ी आपराधिक गतिविधियों जैसे लैंगिक शोषण, मानव तस्करी और अंग तस्करी के खतरों से भी छात्राओं को सचेत किया गया।

इन कार्यक्रमों में जिला बाल संरक्षण अधिकारी श्री मनोज जायसवाल, संरक्षण अधिकारी सुश्री प्रियंका सिंह और प्रशिक्षित मास्टर ट्रेनरों ने छात्राओं को सुरक्षा संबंधी जानकारी दी। सूरजपुर जिले के भैयाथान, प्रेमनगर, ओड़गी और रामानुजनगर सहित अन्य विकासखंडों में भी इसी प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम आयोजित हुए।

बालिका सुरक्षा माह के इस अभियान का मुख्य उद्देश्य बालिकाओं को जागरूक, आत्मविश्वासी और सुरक्षित बनाना है, ताकि वे हर परिस्थिति में अपने अधिकारों की रक्षा कर सकें।

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