अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच चल रहे तनाव को कम करने के लिए आज तुर्की के इस्तांबुल में एक बार फिर शांति वार्ता होने जा रही है. लेकिन वार्ता शुरू होने से पहले ही हालात फिर गरम हो गए हैं. पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने बुधवार को कहा कि ‘अगर हालात नहीं सुधरे तो जंग होगी.’ उनके इस बयान ने बातचीत से पहले ही माहौल को तनावपूर्ण बना दिया है. वार्ता का यह तीसरा दौर है, जिसमें दोनों देशों के सबसे बड़े खुफिया अधिकारी आमने-सामने होंगे. अफगान प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व इस्लामिक अमीरात ऑफ अफगानिस्तान के खुफिया प्रमुख अब्दुल हक वसीक करेंगे, जबकि पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल की कमान इंटर सर्विसेज इंटेलिजेंस (ISI) प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल मुहम्मद असीम के हाथों में होगी.
तुर्की और कतर इस वार्ता की मध्यस्थता कर रहे हैं. ख्वाजा आसिफ ने एक टीवी इंटरव्यू में कहा कि ‘तालिबान आतंकी समूहों को पनाह दे रहा है और पाकिस्तान पर हो रहे हमलों को नजरअंदाज कर रहा है.’ उनसे जब पूछा गया कि क्या अब तालिबान से निपटने का रास्ता सिर्फ मिलिट्री है? इस पर उन्होंने कहा कि युद्ध होगा. अफगानिस्तान ने इन आरोपों को झूठा बताया और पलटवार करते हुए कहा कि पाकिस्तान नागरिकों पर ड्रोन हमले कर रहा है और ISIS आतंकियों को प्रशिक्षण दे रहा है.
वार्ता में दोनों देशों के बीच सीमा संघर्ष, ड्रोन हमलों और व्यापारिक रास्तों की बंदी जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी. अफगान मीडिया के मुताबिक पाकिस्तान की ओर से बंद किए गए व्यापारिक मार्गों के कारण करीब 8,000 अफगान कंटेनर पाकिस्तान में फंसे हुए हैं और 4,000 और प्रवेश की प्रतीक्षा में हैं. इससे दोनों देशों को भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है.





