अमेरिकी ऑटो दिग्गज फोर्ड मोटर कंपनी (Ford Motor Co.) भारत में करीब 32.50 अरब रुपये (370 मिलियन डॉलर) का निवेश करने जा रही है. कंपनी चार साल पहले बंद किए गए अपने कारखाने को फिर से चालू करेगी और हाई-एंड इंजन बनाएगी यह फैसला ऐसे समय में आया है जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ‘मेक इन अमेरिका’ नीति को जोर-शोर से आगे बढ़ा रहे हैं. ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि कंपनी इस निवेश की औपचारिक घोषणा इस हफ्ते के भीतर कर सकती है.
फोर्ड ने 1995 में चेन्नई के पास अपना पहला कारखाना लगाया था और 2015 में गुजरात के साणंद में दूसरा प्लांट शुरू किया था. जिम फार्ले जब 2020 में फोर्ड के सीईओ बने तो उन्होंने महिंद्रा एंड महिंद्रा लिमिटेड के साथ प्रस्तावित साझेदारी रद्द कर दी. इसके बाद उन्होंने एक साल से भी कम समय में भारतीय बाजार से पूरी तरह बाहर निकलने का फैसला किया. उनका कहना था कि कंपनी अब ऐसे बाजारों में निवेश नहीं कर सकती जो कम या बिना मुनाफे वाले हों, जैसे भारत और ब्राज़ील. फोर्ड को भारत छोड़ने तक 2 अरब डॉलर से ज्यादा का नुकसान झेलना पड़ा. इसके बाद कंपनी ने साणंद स्थित वाहन संयंत्र टाटा मोटर्स को बेच दिया.





